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आभासी अनुभवात्मक संग्रहालय

  • संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशें के तहत, केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला ने आभासी अनुभवात्मक संग्रहालय (वीईएम) के  रूप में आदर्श शहर विरासत ज्ञानार्जन केन्द्र विकसित करने का दायित्व ग्रहण किया है ।  यह केन्द्र संग्रहालयी नमूना बन सकता है और निकट भविष्य में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के संरक्षण में और अधिक ऐसे केन्द्र बनाये जा सकते हैं ।  इस प्रकार का प्रथम आभासी अनुभवात्मक संग्रहालय वाराणसी के मान-महल में बनाया जाना है ।  इस संग्रहालय की विषय वस्तु विकसित करने के लिए केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला दिल्ली आधारित भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास के संपर्क में है ।  जबकि अजन्ता पर एक अन्य आभासी अनुभवात्मक संग्रहालय के लिए केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला के आईआईटी मुंबई से सहयोग करने का प्रस्ताव रखा है ।  
    अनुभवात्मक संग्रहालय ऐसे स्थल हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के दर्शक अक्सर सम्मोहक मीडिया प्रस्तुति, संवर्द्धित रियलिटि या वर्चुअल रियलिटि तकनीकों को शामिल कर दृश्य-श्रव्य संसाधनों के साथ युक्त होते हैं । चूँकि अनुभव अत्यंत निजी होता है ऐसे संग्रहालयों में मीडिया एवं डेटा उपलब्धता भी निजी पसंदों के अनुसार अनुकूलित होते हैं ।  आभासी अनुभवात्मक संग्रहालय (वीईएम) दृश्य-श्रव्य संसाधनों एवं अनुभवात्मक प्रस्तुतियों के बीच सहजीवी संबंध स्थापित करना चाहता है ताकि विविध प्रकार के दर्शकों को सूचना के साथ संलिप्त करने का सामान लक्ष्य प्राप्त हो सके ।  परम्परागत संग्रहालय अपने संग्रहों को केन्द्रीय रूप में देखते हैं जबकि पूरी दुनिया में संग्रहालय अन्त:क्रियात्मक प्रौद्योगिकी के अतिरिक्त तस्वीर, ऑडियो एवं फिल्म/वीडियो संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करने लगे हैं ताकि लक्षित समूहों के लिए परिभाषित उद्देश्य प्राप्त हो सके ।  इसलिए यह संग्रहालय न सिर्फ सूचना का भंडार है बल्कि दर्शकों के ज्ञानार्जन अनुभव के लिए वस्तुत: उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है ।
    यह अनुभवात्मक संग्रहालय दृश्य-श्रव्य संग्रहों एवं विविध प्रकार के दर्शकों के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम कर सकते हैं ।  व्याख्यात्‍मक डिजाइनों के फिल्टर के माध्यम से दृश्य-श्रव्य संसाधनों को पास करके ओर वर्णन के समय दृश्य-श्रव्य सामग्री का उसका अभिन्न अंग मानकर उपयोग करते हुए विविध प्रकार के दर्शकों को एक ऐसा वातावरण मिलता है जहाँ विषयवस्तु की उपलब्धता से वे लाभान्वित होते हैं ।  ऐसे संग्रहालय दृश्य-श्रव्य संकलन को विद्वानों एवं अनुसंधानकर्ताओं के परे सामान्य दर्शकों तक पहुंचने का अवसर देते हैं । 

    अंत में, डिजिटल स्थल आभासी अनुभवात्मक संग्रहालय (वीईएम) में दीर्घाकार मल्टी-प्रोजेक्टर कर्व प्रोजेक्टर कर्व प्रोजेक्‍सन, शैलीकृत विडियो वाल्स, विजुअल वाक थ्रू सिमुलेशन समोच्चरेखित स्थलों पर प्रोजेक्सन मैपिंग, प्रोजेक्सन मैप्ड क्यूजन टेबुल्स, गूगल मैप कनेक्टिविटि, मल्टी विन्डो सिंक्रोनस डिस्प्ले को शामिल कर आकर्षक एवं समावेशी प्रस्तुतियाँ होगी जिससे संवर्द्धितरियलिटि के वर्चुअल रियलिटि अनुभव प्राप्त होंगे ।  कलाकृति प्रदर्शनी, 3 विमीय मुद्रण, 3 विमीय स्टिरियोस्कोपिक विडियो, डिजिटल संगीत केन्द्र विभिन्न तीर्थ स्थल/पर्यटन सर्किट रूटों की राह चलते प्रस्तुति, वर्चुअल फ्लिप-थ्रू बुक्स, पारदर्शी समरेखा प्रदर्श इत्यादि से भी दर्शक अपने अनुभवों को और अधिक समृद्ध कर पाएंगे ।