केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला

सृजनात्मकता की संस्कृति

भारत में विज्ञान केन्द्र नेटवर्क संरचना में पर्याप्त संवृद्धि के कारण प्रौद्योगिकी से समृद्ध प्रदर्शों एवं एक प्रशिक्षण आधार – स्थल की आवश्यकता महसूस की गयी ताकि अर्थपूर्ण विज्ञान संप्रेषण के लिए प्रभावी प्रदर्शों एवं उपस्करों की डिजाइन एवं संरचना में कौशल एवं क्षमता का विकास किया जा सके ।  इस उद्देश्य से कोलकाता के सॉल्टलेक में राविसंप मुख्यालय की सुविधाओं के अंश के रूप में राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् की केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला (केअप्रप्र) की स्थापना की गयी ।  13 मार्च 1993 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम डॉ शंकर दयाल शर्मा द्वारा इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया । 

नए समाचार

  • केंद्रीय अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रयोगशाला का रजत जयंती समारोह का समापन समारोह

    संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय (NCSM) की अनुसंधान शाखा केंद्रीय अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रयोगशाला (CRTL), ने 13 मार्च, 2019 को अपना वार्षिक रजत जयंती समारोह पूरा किया। इस समारोह के दौरान, CRTL के निदेशक, श्री श्रीकां...

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ए डी चौधरी

महानिदेशक, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद्

पूरे विश्व में सृजनात्मकता के सहारे विज्ञान केन्‍द्र फलते-फूलते हैं ।  प्रारंभ में राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के विकास में इसके संस्थापक महान व्यक्तित्वों जैसे श्री अमलेंदु बोस, डॉ सरोज घोष, श्र...

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एस पी पाठक

निदेशक, केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला

केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला में हम सभी जिज्ञासु होते हैं । और इस विशेषता को हम प्रसारित करना चाहते हैं ।  बौद्धिक जिज्ञासा के महत्व को शायद ही कोई नजरअंदाज कर सके ।  केन्द्रीय अनुसंधान एवं...

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नयी परियोजनाएँ

’ एक भारत: सरदार पटेल ‘ प्रदर्शनी

भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 31 अक्...

भारतीय सिनेमा का राष्ट्रीय संग्रहालय ...

केन्द्रीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला द्वारा भार...

श्री चैतन्य महाप्रभु संग्रहालय

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की संस्तुति पर सोलहवीं शता...

जैव औषधीय जिनोमिक्स हॉल

जैव औषधीय जिनोमिक्स के अत्याधुनिक विज्ञान प्रौद्योगिकी...